जिले में बेटियों को सुरक्षा कवच देने में कांटी और बरुराज सबसे आगे

मुजफ्फरपुर।
जिले में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (गार्डासिल) टीकाकरण अभियान अब परवान चढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में किशोरियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिला स्वास्थ्य समिति के कुशल प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत के बदौलत मुजफ्फरपुर ने टीकाकरण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है।
टीकाकरण में कांटी और बरुराज ने मारी बाजी:
सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि 18 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में टीकाकरण की रफ्तार काफी तेज रही है। विशेषकर कांटी प्रखंड ने इस रेस में बाजी मारते हुए एक ही दिन में 147 किशोरियों का टीकाकरण किया है। इसके साथ ही बरुराज (मोतीपुर) में 115, सरैया में 104 और कटरा में 102 किशोरियों को टीका लगाया गया है। साहेबगंज, बंदरा और पारू जैसे प्रखंडों ने भी 100 का आंकड़ा छूकर सराहनीय प्रदर्शन किया है। जिले में अब तक कुल 2830 किशोरियों का संचयी टीकाकरण पूरा कर लिया गया है, जो स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी सफलता है।
अभियान की सफलता पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) रेहान अशरफ ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य जिले की हर पात्र किशोरी को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तन्मयता से काम कर रही हैं और यू-विन पोर्टल पर नियमित रूप से डेटा अपडेट किया जा रहा है। रेहान अशरफ ने आगे कहा कि प्रत्येक प्रखंड को प्रतिदिन कम से कम 200 टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है और हम न केवल टीकाकरण कर रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से जागरूकता भी फैला रहे हैं ताकि समाज में इस वैक्सीन को लेकर पूरी पारदर्शिता बनी रहे।जागरूकता के लिए जनप्रतिनिधियों का मिल रहा साथ:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ संजीव पांडे ने बताया कि इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि छोटे वीडियो क्लिप्स के जरिए लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं और इसे सोशल मीडिया ग्रुप्स में साझा कर रहे हैं। जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारी इस अभियान की हर घंटे मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि टीम भावना के साथ किए जा रहे इस प्रयास से मुजफ्फरपुर जल्द ही शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लेगा और आने वाले समय में जिले की बेटियां इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित होंगी।
