आज 23 अप्रैल का पंचांग :: 🙏🏾🙏🏾

🌺 ऊं श्री गणेशाय नमः 🌺
दिन – गुरुवार
संवत्सर नाम – रौद्र
युगाब्दः- 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
अयन – सौम्यायन (उत्तरायण)
गोल – सौम्य (उत्तर)
ऋतु – बसन्त
मास – वैशाख
पक्ष – शुक्लपक्ष
तिथि – सप्तमी रात्रि 01:18 बजे तक
नक्षत्र – पुनर्वसु रात्रि 01:17 बजे तक
योग – सुकर्मा दिन 10:31 बजे तक
करण – गर
सूर्योदय – 05:36
सूर्यास्त – 06:24
दिशा शूल – दक्षिण दिशा में
🌞पाक्षिक सूर्य – अश्विनी नक्षत्र में
🌸 आज का व्रत-त्योहार:- श्रीगंगा सप्तमी (मध्याह्न काल में गंगोत्पत्ति,सर्वत्र गंगा पूजन),कमल सप्तमी/निम्ब सप्तमी,सर्वार्थसिद्धि योग (समस्त) तदुपरि सर्वार्थाऽमृतसिद्धि योग (रात्रि 01:17 बजे से),भद्रा (रात्रि 01:18 बजे के उपरांत),बाबू कुंवर सिंह जयन्ती (बिहार) 🌸
🌚राहु काल – दिन 01:30 से 03:00 बजे तक
🌹कल (24 अप्रैल शुक्रवार) का व्रत-त्योहार:- भद्रा (दिन 12:22 बजे तक),श्रीदुर्गाष्टमी व्रत,श्रीअन्नपूर्णाष्टमी व्रत,श्रीबगलामुखी जयंती,हिन्दी वीर रस के `युग चरणʼ उत्कृष्ट कवि एवं निबंधकार रामधारी सिंह दिनकर पुण्यतिथि 🌹
🌼 सुविचार 🌼
गंगाजी में स्नान करने से शीघ्र ही समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और अपूर्व पुण्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं जो मनुष्य सौ योजन दूर से भी गंगाजी का स्मरण करता है,उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं और वह अंत में विष्णुलोक को जाता है।*
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दर्शनात्स्पर्शनात्पानात्तथा गंगेति कीर्तनात्।
पुमान्पुनाति पुरुषाञ्छतशोऽथ सहस्रशः। ।
*भावार्थ:-
अग्निपुराण के अनुसार इस संसार में जो मनुष्य भगवती भागीरथी माँ गंगा का दर्शन,स्पर्श,जलपान तथा “गंगा ʼʼ इस नाम का उच्चारण करता है; वह मनुष्य अपने सैकड़ों-हजारों पीढ़ियों को पवित्र कर देता है। 👏सर्वे भवन्तु सुखिनः👏
सौजन्य:- सुशील कुमार पाण्डेय-प्राचार्य
आर्षविद्या शि•प्र•सेवा संस्थान-वेद विद्याल
