पश्चिम बंगाल चुनाव के अंतिम चरण में 91.41 प्रतिशत मतदान

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण में भी छिटपुट हिंसा के बीच बंपर मतदान हुआ। राजधानी कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के सात जिलों की 142 सीटों के लिए 91.41 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना चार मई को होगी और नतीजे भी दोपहर 12 बजे तक स्पष्ट हो जाएंगे कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक सुबह 07 बजे शुरु हुए मतदान के बीच 9 बजे तक करीब 18 प्रतिशत, 11 बजे तक 39.97 प्रतिशत, दोपहर 01 बजे तक 61.11 प्रतिशत तथा दोपहर 03 बजे तक 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 93.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जबकि सबसे कम कोलकाता दक्षिण में 87.25 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसके अलावा हुगली जिले में 91.41 प्रतिशत, हावड़ा में 90.93 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 88.91 प्रतिशत मतदान हुआ है। नदिया जिले में 91.35 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 91.39 प्रतिशत तथा दक्षिण 24 परगना में 91.45 प्रतिशत मतदान हुआ है।

दूसरे और आखिरी चरण में कुल 1,448 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। इस चरण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर सीट पर आमने-सामने हैं। इसके अलावा राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिश्वास, जावेद खान, सुजीत बसु, शशि पांजा समेत सत्तारूढ़ तृणमूल सरकार के कई मंत्री, बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी और दीप्शिता धर शामिल हैं। इसके अलावा आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुईं डॉक्टर की मां रत्ना देवनाथ एवं संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रेखा पात्र भी भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार हैं।

दक्षिण बंगाल के सात जिलों कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, नदिया और पूर्व बर्धमान की 142 सीटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे। इसमें राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी मतदान प्रक्रिया पर पूरे दिन नजर बनाये रही। मतदान वाले इलाकों में केंद्रीय बलों की 2,231 कंपनियों यानी दो लाख से अधिक जवानों की तैनाती की गई थी। सबसे अधिक 274 कंपनियां केंद्रीय बल की तैनाती राजधानी कोलकाता में की गई। जबकि पूर्व बर्दवान जिले में 263, हुगली (ग्रामीण)क्षेत्र में 236 कंपनी तैनात रही। इसके साथ ही करीब 40 हजार पुलिसकर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाया गया था।

हालांकि, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद कई स्थानों से हिंसा और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई। मतदान शुरू होने से पहले नदिया जिले के चापड़ा विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 53 पर जाने के दौरान भाजपा एजेंट मुशर्रफ मीर पर हमला किया गया। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने एजेंट को बुरी तरह पीटा और उनका सिर फोड़ दिया।

कोलकाता की हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर में सुरक्षा बलों ने तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी को उस वक्त चेतावनी दी जब वे मतदान केंद्र के पास कुछ लोगों के साथ बैठे थे। उधर, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी बूथों का दौरा करने पहुंचे, तब वहां मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में भाजपा समर्थकों ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी से कालीघाट रोड और हरीश मुखर्जी रोड के मोड़ पर माहौल गरमा गया। स्थिति बिगड़ती देख शुभेंदु अधिकारी ने वहीं से चुनाव आयोग को शिकायत की और फोन कर केंद्रीय बल बुलाने की बात कही। कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंच गए। हालात को काबू में करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

दूसरी ओर, कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह-सुबह कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलकर चेतला और पद्मपुकुर रोड इलाके में मतदान का जायजा लेने पहुंच गईं। इस दौरान मीडिया से बातचीत में ममता ने मतदान प्रक्रिया के दौरान बाहरी पर्यवेक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग बाहर से आकर मतदाताओं में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भी पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले बिना परामर्श के किए जा रहे हैं। ममता ने कहा, “कई पर्यवेक्षक राज्य के बाहर से आये हैं। वे भाजपा के आदेश पर काम कर रहे हैं। कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। हमने कोर्ट की अवमानना का नोटिस भेजा है, फिर भी कई बाहरी पर्यवेक्षकों को यहां लाया गया है।”

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के सुबह-सुबह बूथ निरीक्षण करने पर पर तंज कसते हुए कहा कि वे “दबाव में आकर” सुबह ही मैदान में उतर गई हैं। बिना दबाव के नेता ऐसा कदम नहीं उठाते। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ अपनी जीत का दावा करते हुए शुभेंदु ने कहा कि मुख्यमंत्री 30 हजार वोटों से हारने जा रही हैं।

भवानीपुर के पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र रासबिहारी में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ में प्रवेश करने से रोका गया। पूर्व तृणमूल विधायक और बांग्ला फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेता चिरंजीत चक्रवर्ती ईवीएम खराबी के कारण मतदान नहीं कर सके। वे सुबह कोलकाता के चारुचंद्र कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पहुंचे थे जहां तकनीकी समस्या के चलते मतदान देर से शुरू हुआ।

इसके अलावा, डायमंड हार्बर के फलता इलाके में ईवीएम पर टेप चिपकाये जाने के आरोपों से राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। भाजपा ने इसकी एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि जिन बटनों पर टेप लगाया गया, उनमें तीसरे नंबर पर भाजपा और चौथे नंबर पर माकपा का चुनाव चिह्न था। भाजपा का कहना है कि यह जानबूझकर किया गया ताकि मतदाता उनके उम्मीदवार को वोट न दे सकें। भाजपा ने इसके लिए तृणमूल को जिम्मेदार ठहराते हुए पुनर्मतदान की मांग की है।

दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में पूरे दिन हालात तनावपूर्ण बने रहे। यहां आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दिकी के खिलाफ नारेबाजी की घटना से तनाव और बढ़ गया। नौशाद सिद्दीकी के पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “जय बांग्ला” के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद केंद्रीय बल और राज्य पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी जिले के बासंती विधानसभा क्षेत्र के 76 नंबर बूथ पर भाजपा प्रत्याशी विकास सरदार पर हमला किये जाने का आरोप लगा। विकास सरदार ने आराेप लगाया कि जब वे बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर हमला कर दिया। हमले के दौरान विकास सरदार की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। इतना ही नहीं, उनके सुरक्षा कर्मी के पास मौजूद आग्नेयास्त्र छीनने की भी कोशिश की गई। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।

इसके अलावा उत्तर 24 परगना के बारासात, हाबरा, कल्याणी और शांतिपुर समेत कई इलाकों में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान देर से शुरू हुआ। हालांकि, मतदान वाले इलाकों से हिंसा की कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई।

हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लिलुआ इलाके में मतदान के दौरान डॉन बॉस्को लिलुआ सोहनलाल विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के चलते तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मतदान प्रक्रिया बाधित होने से कतार में खड़े मतदाताओं में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और भीड़ ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दाैरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़। इस घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हावड़ा के ही उदयनारायणपुर में वोट देने पहुंचे एक 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। आरोप है कि केंद्रीय बल के एक जवान द्वारा धक्का दिये जाने से वे गिर गए और वहीं उनकी मौत हो गई।

उत्तर 24 परगना के बारासात, हाबरा, स्वरूप नगर तथा नदिया के कल्याणी और शांतिपुर समेत कई इलाकों में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान देर से शुरू हुआ।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 152 सीटों के लिए 93 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। बंगाल विधानसभा चुनाव में हुए रिकार्ड मतदान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक इसे स्थायित्व का द्योतक बता रहे हैं तो कुछ इसे बदलाव का संकेत मान रहे हैं।

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