नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा कैडर के 2012 बैच के अधिकारी गहलावत वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), दिल्ली में तैनात हैं।
नकली दवा मामले में राहत दिलाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
सीबीआई के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 8 जून को हुई थी, जब दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत ने निजी व्यक्तियों से मोटी घूस की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े उन मामलों में राहत दिला देंगे, जिनकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
करोड़ों की नकदी और दस्तावेज बरामद, ठिकानों पर छापेमारी
इस मामले में सीबीआई पहले ही दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह सहित छह अन्य निजी व्यक्तियों को दबोच चुकी है। पहले की गई कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने लगभग 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि रंगे हाथों बरामद की थी। इसके अलावा आरोपियों के पास से करीब 90 लाख रुपये नकद तथा कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए थे।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दीपक गहलावत से जुड़े कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। छापेमारी के दौरान अनेक डिजिटल उपकरण, हार्ड डिस्क, अहम दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि रिश्वतखोरी और प्रभाव के दुरुपयोग से जुड़े अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए मामले की जांच अभी तेजी से जारी है।
