दिल्ली में बढ़ा बीमारी का खतरा! जेपी नड्डा ने बुलाई हाई लेवल बैठक

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि टीबी उन्मूलन अभियान को गति मिले और डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नड्डा ने कहा कि अभियान से जुड़ी सभी जानकारियाँ और संदेश सरल एवं आसानी से समझ में आने वाली भाषा में प्रसारित किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी पहुँच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, जिससे समुदाय स्तर पर सहभागिता और मजबूत हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हाल ही में आयोजित प्रगति बैठक में दिए गए मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने माई भारत स्वयंसेवकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि जमीनी स्तर पर अभियान को और सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड की निगरानी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा की जाए, जिससे अभियान के क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। टीबी की शीघ्र पहचान को मजबूत करने के लिए जेपी नड्डा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की अधिक संख्या में उपलब्धता को समर्थन दिया जाएगा, जिससे समय पर निदान और केस डिटेक्शन में सुधार हो सके। उन्होंने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उनके कार्यों और अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने के निर्देश दिए, ताकि टीबी मुक्त भारत अभियान और डेंगू की रोकथाम दोनों में प्रभावी सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। बैठक में डेंगू से निपटने की दिल्ली सरकार की तैयारियों की भी समीक्षा की गई, जिसमें समन्वित कार्रवाई, प्रभावी निगरानी, जन-जागरूकता और समय पर निवारक उपायों पर विशेष जोर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को दिल्ली सरकार के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान और डेंगू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति, मरीजों की समय पर पहचान, उपचार और सहायता व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मानसून के मद्देनज़र डेंगू की रोकथाम को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों, अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, मच्छर नियंत्रण अभियान, निगरानी व्यवस्था और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *