वाराणसी। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने अपनी पत्नी सबिहा हसनैन के साथ काशी में मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और दशाश्वमेध घाट पर आयोजित विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए। आरती का दिव्य स्वरूप देखकर राज्यपाल अभिभूत नजर आए और इसे अद्भुत अनुभव बताया।
गंगा आरती से हुए भावविभोर
राज्यपाल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयोजित “21वीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में शिक्षा का पुनर्परिकल्पन” विषयक सम्मेलन में भाग लेने वाराणसी पहुंचे हैं। सम्मेलन से पहले रविवार शाम उन्होंने दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित दैनिक गंगा आरती में हिस्सा लिया।
आरती से पूर्व रामजन्म योगी ने 7 मिनट 58 सेकेंड तक शंखनाद किया। इस अद्भुत प्रस्तुति को देखकर राज्यपाल ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके शंखनाद की सराहना की।
विजिटर बुक में लिखा विशेष संदेश
गंगा आरती के बाद राज्यपाल ने गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में लिखा कि यह उनके लिए “एक अद्भुत अनुभव” रहा। उन्होंने लिखा कि अब तक उन्होंने गंगा आरती के बारे में केवल सुना था, लेकिन प्रत्यक्ष दर्शन के बाद उन्हें भगवती मां गंगा के आशीर्वाद की अनुभूति हुई।
गंगा सेवा निधि ने किया सम्मान
इस अवसर पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव सुरजीत सिंह और सचिव हनुमान यादव ने राज्यपाल का अंगवस्त्र, प्रसाद और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
सुशांत मिश्र ने बताया कि राज्यपाल आरती शुरू होने से काफी पहले दशाश्वमेध घाट पहुंच गए थे और लगभग एक घंटे तक घाट पर रहकर काशी की आध्यात्मिक परंपरा को निकट से समझने और महसूस करने का प्रयास किया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन अपनी पत्नी के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचे थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में सहभागिता की।
