मेक्सिको सिटी। जूड बेलिंगहैम के दो शानदार गोल और हैरी केन की पेनल्टी की बदौलत इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में मेजबान मेक्सिको को 3-2 से हराकर अंतिम आठ में जगह बना ली। एस्टादियो एज़्टेका में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने रेड कार्ड के बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए भी शानदार जुझारूपन का परिचय दिया। अब क्वार्टर फाइनल में उसका मुकाबला नॉर्वे से होगा।
बेलिंगहैम की तूफानी शुरुआत
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। जूड बेलिंगहैम ने महज 98 सेकेंड के भीतर दो गोल दागकर टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी। पहला गोल उन्होंने बुकायो साका के क्रॉस पर हेडर से किया, जबकि दूसरा गोल हैरी केन के पास को शानदार शॉट में बदलकर किया।
मेक्सिको ने पहले हाफ के अंत से पहले जूलियन क्विनोनेस के गोल से वापसी की कोशिश की और स्कोर 2-1 कर दिया।
रेड कार्ड के बाद भी नहीं टूटा इंग्लैंड का हौसला
दूसरे हाफ के 54वें मिनट में इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा, जब जारेल क्वानसा को वीएआर समीक्षा के बाद जीसस गालार्डो पर खतरनाक टैकल के लिए सीधा रेड कार्ड दिखाया गया।
इसके बावजूद इंग्लैंड ने छह मिनट बाद अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। एंथनी गॉर्डन को पेनल्टी बॉक्स में गिराए जाने पर मिली पेनल्टी को हैरी केन ने गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया। यह टूर्नामेंट में केन का छठा गोल रहा।
मेक्सिको की वापसी नाकाम
मेक्सिको को भी बाद में पेनल्टी मिली, जिसे राउल जिमेनेज़ ने गोल में बदलकर अंतर 3-2 कर दिया। अंतिम 20 मिनट और 11 मिनट के अतिरिक्त समय में मेजबान टीम ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड और रक्षा पंक्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की बढ़त बरकरार रखी।
तूफान से देरी, फिर भी रोमांच बरकरार
तेज बारिश और आंधी के कारण मुकाबला निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से शुरू हुआ। इसके बावजूद 80 हजार से अधिक दर्शकों से भरे एज़्टेका स्टेडियम में शानदार माहौल देखने को मिला।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 1986 विश्व कप में इसी मैदान पर मिली हार की कड़वी यादों को भी पीछे छोड़ दिया। लगातार तीसरी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची इंग्लैंड की टीम अब छह दशक से बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब के इंतजार को समाप्त करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ चुकी है।
