कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोलकाता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेंदु शेखर राय की मौजूदगी ने उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने और राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलों को और हवा दे दी है।
अमित शाह की बैठक में शामिल हुए सुखेंदु शेखर राय
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद अमित शाह ने अलीपुर स्थित सरकारी अतिथि भवन में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की। इस बैठक में पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय की उपस्थिति सबसे अधिक चर्चा का विषय रही।
हालांकि राय ने अभी तक औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता नहीं ली है, लेकिन उनकी मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
तीन सीटों पर उपचुनाव, उम्मीदवार बनने की चर्चा तेज
संयोग से सोमवार को ही निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की अधिसूचना जारी की। ये सीटें सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाशचिक बराइक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भाजपा जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि सुखेंदु शेखर राय को राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा का उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
तृणमूल छोड़ने के बाद बढ़ी भाजपा से नजदीकी
सुखेंदु शेखर राय लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे। हाल के महीनों में उन्होंने पार्टी की कार्यशैली, विशेषकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज प्रकरण को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के कई केंद्रीय नेताओं के साथ उनके पुराने व्यक्तिगत संबंध भी दोनों पक्षों के बीच बढ़ती नजदीकी का एक अहम कारण हो सकते हैं। हालांकि, भाजपा और सुखेंदु शेखर राय की ओर से उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
