जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के सोनारी स्थित आर.एम.एस. हाई स्कूल, बालिचेला में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत पढ़ने वाली एक छात्रा को फीस जमा नहीं करने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर जमशेदपुर अभिभावक संघ ने मंगलवार को उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक को शिकायत सौंपकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संघ के सदस्यों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया।
फीस नहीं देने पर नहीं मिला एडमिट कार्ड
अभिभावक संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि चांदनी कुमारी का नामांकन आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(सी) के तहत हुआ था। वर्तमान में वह सत्र 2026-27 में कक्षा नौ की छात्रा है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन लगातार फीस जमा करने का दबाव बना रहा था। आर्थिक तंगी के कारण फीस जमा नहीं होने पर सात जुलाई को आयोजित परीक्षा के लिए छात्रा का एडमिट कार्ड जारी नहीं किया गया, जिससे वह परीक्षा नहीं दे सकी।
संघ के अनुसार छात्रा की मां घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए किस्तों में फीस जमा करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पूरी फीस जमा किए बिना एडमिट कार्ड देने से इनकार कर दिया गया।
जांच और कार्रवाई की मांग
अभिभावक संघ का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। संघ ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रा के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने, परीक्षा से वंचित किए जाने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और स्कूल प्रबंधन को आरटीई के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
