शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा या उसके नेताओं को किसी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों से वह प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से लगातार जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं और जनता का विश्वास ही उनके लिए सबसे बड़ा प्रमाणपत्र है।
चुनाव परिणामों का हवाला देकर कांग्रेस पर साधा निशाना
डॉ. बिंदल ने कहा कि हाल ही में हुए पंचायती राज, नगर निकाय और नगर निगम चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है। उनके अनुसार चुनाव परिणामों से यह साफ हुआ कि लोगों ने कांग्रेस की नीतियों को स्वीकार नहीं किया और भाजपा के प्रति अपना भरोसा जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस नेताओं में निराशा है और इसी कारण वे इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से प्रदेश के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान नहीं भटकाया जा सकता।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पांच लाख रोजगार और एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब सरकार से इन वादों का हिसाब मांग रहा है।
राम मंदिर और सरकार के कामकाज पर भी उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण लंबी कानूनी प्रक्रिया और संघर्ष के बाद संभव हो पाया। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने इस पूरे दौर में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मंदिर निर्माण का समर्थन नहीं किया और तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस राम मंदिर और भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जिसे जनता अच्छी तरह समझती है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपने चार वर्षों के कार्यकाल, चुनावी वादों और विकास कार्यों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा आगे भी जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और सरकार से उसके वादों व कामकाज का जवाब मांगती रहेगी।
