60 विदेशी जहाजों के बीच एक भारतीय जहाज ने खींचा सबका ध्यान… जानिए क्यों खास है आईएनएस सुदर्शनी

नई दिल्ली। बोस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत रघुराम शास्त्री ने ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया तथा बोस्टन में पोत के औपचारिक प्रवेश के लिए आईएनएस सुदर्शनी पर सवार हुए। आईएनएस सुदर्शनी ने 20 से अधिक देशों के 60 से अधिक विशाल जहाजों के अंतरराष्ट्रीय बेड़े में शामिल होकर समुद्री अभियान के दौरान सद्भावना के समुद्री राजदूत के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। समुद्री कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय सद्भावना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए यह पोत 12 से 15 तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। अमेरिका के नॉरफ़ॉक, बाल्टीमोर और न्यूयॉर्क में सफल पोर्ट कॉल के बाद आईएनएस सुदर्शनी की सेल बोस्टन-2026 में भागीदारी भारत-अमेरिका की बढ़ती समुद्री साझेदारी को और मजबूत कर रही है। भारतीय पोत सुदर्शनी ने वैश्विक मंच पर भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को प्रदर्शित किया है। अमेरिका की आजादी का जश्न मनाने के लिए 250वीं सालगिरह के मौके पर इंटरनेशनल नेवल रिव्यू में इंडियन नेवल सेल ट्रेनिंग शिप (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शिनी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इस एसटीएस ने महासागरीय पार अभियान के तहत न्यूयॉर्क का पोर्ट कॉल पूरा करके भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दिखाया है। साथ ही भारत और अमेरिका के बीच सामरिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत किया है। भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी अमेरिका की आजादी के 250वें जश्न में हिस्सा लेने के बाद बोस्टन पहुंच गया है। पोत ने सेल बोस्टन के शुभारंभ पर भारतीय तिरंगे को शान से लहराते हुए ‘ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स’ में भाग लिया। प्रशिक्षण पोत कैसल द्वीप और सीपोर्ट डिस्ट्रिक्ट सहित प्रमुख स्थलों से गुजरने के बाद अंत में बोस्टन फिश पियर पर आ कर रुकी।

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