पूर्वी सिंहभूम। रॉबिन हुड आर्मी (आरएचए) ने शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वर्ष 2026 के लिए अपनी प्रमुख सामाजिक पहलों की घोषणा की। संगठन के सिटी रिप्रेजेंटेटिव भवानी शंकर ने बताया कि इस वर्ष उसका विशेष फोकस वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सहायता पहुंचाने पर रहेगा।
संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2026 की पहली प्रमुख पहल ‘भारत लर्न्स एआई’ है। इस राष्ट्रीय अभियान के तहत देशभर में 250 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लर्निंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समुदायों के बच्चों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल साक्षरता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे तकनीकी रूप से सक्षम बन सकें।
भारत लर्न्स एआई और मिशन स्वदेश पर रहेगा फोकस
दूसरी महत्वपूर्ण पहल ‘मिशन स्वदेश’ के तहत रॉबिन हुड आर्मी दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न और आवश्यक राशन सामग्री पहुंचाएगी। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे परिवारों को राहत देना है, जिन्हें नियमित रूप से पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता।
रॉबिन हुड आर्मी जमशेदपुर की टीम ने बताया कि शहर में दो भारत एआई लर्निंग सेंटर और तीन एक्टिव लर्निंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन सभी अभियानों का संचालन पूरी तरह स्वयंसेवकों और समाज के सहयोग से किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और कॉर्पोरेट संस्थानों से इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की, ताकि शिक्षा और खाद्य सुरक्षा की इन पहलों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
रॉबिन हुड आर्मी ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल भोजन वितरित करना नहीं, बल्कि वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी जानकारी और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। संगठन का मानना है कि ‘भारत लर्न्स एआई’ और ‘मिशन स्वदेश’ जैसे अभियान समाज को अधिक समावेशी, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रेस वार्ता में रॉबिन हुड आर्मी जमशेदपुर के सिटी रिप्रेजेंटेटिव भवानी शंकर, ग्रोथ रिप्रेजेंटेटिव अरुण कुमार ठाकुर, स्नेहा, शुभम, मिशुख, ज्योति, शेफी, देव सहित संगठन के कई स्वयंसेवक उपस्थित थे।


