रांची। विधायक जयराम महतो और धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच कथित ऑडियो वायरल होने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन की ओर से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के अल्टीमेटम के बाद जयराम महतो ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे। विधायक ने पुलिस एसोसिएशन के इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन किस अधिकार से उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है।
जयराम महतो ने कहा कि वह किसी मामले में फैसला सुनाने वाले जज नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि थाना प्रभारी से उनकी बातचीत निजी फोन कॉल के दौरान हुई थी और यह कोई सार्वजनिक मंच पर दिया गया बयान नहीं था। विधायक ने वायरल ऑडियो में कथित तौर पर एडिटिंग और छेड़छाड़ किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि निजी बातचीत के एक हिस्से को काट-छांटकर सार्वजनिक किया गया है।
डीसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
विधायक ने पुलिस एसोसिएशन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि संगठन में वास्तव में हिम्मत है तो पहले अपने ही जिले के उपायुक्त के खिलाफ आवाज उठाए और उनके इस्तीफे की मांग करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों और थाना स्तर के अधिकारियों को हर 15-20 दिनों में कथित रूप से अपमानजनक भाषा सुननी पड़ती है।
जयराम महतो ने कहा कि अगर पुलिस एसोसिएशन को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की इतनी ही चिंता है तो उसे पहले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाहिए और उनके खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से भी सवाल किया कि क्या उन्हें अपने एसपी या डीसी से कभी अपमानजनक बातें नहीं सुननी पड़तीं।
बोले- अलग विचारधारा के कारण बनाया जा रहा निशाना
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि वह अलग विचार और बिरादरी से आते हैं और मौजूदा विधानसभा में इकलौते विधायक हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही है। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो निजी बातचीत का हिस्सा है, जिसे कथित तौर पर एडिट कर प्रसारित किया गया है।
विधायक ने पुलिस एसोसिएशन से कहा कि यदि संगठन निष्पक्षता के साथ काम कर रहा है तो उसे अधिकारियों के खिलाफ भी खुलकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वह किसी भी दबाव में माफी मांगने के लिए तैयार नहीं हैं और इस मामले में अपने रुख पर कायम हैं।



