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बंगाल में सिंडिकेट और घुसपैठियों की खैर नहीं: आ रहे है ‘एन्काउंटर स्पेशलिस्ट’ । पढ़े पूरी रिपोर्ट…

नई दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश कैडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी डॉ. अजयपाल शर्मा को अगले 5 वर्षों के लिए बंगाल में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर भेजने का आदेश जारी कर दिया है।

अपराधियों में खौफ का दूसरा नाम हैं डॉ. अजयपाल
यूपी कैडर के डॉ. अजयपाल शर्मा की पहचान एक सख्त और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति वाले अधिकारी की रही है। गृह मंत्रालय के इस फैसले को बंगाल में सक्रिय ‘सिंडिकेट राज’ और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और घुसपैठियों पर लगाम कसने के लिए ही केंद्र ने इस ‘एन्काउंटर स्पेशलिस्ट’ अधिकारी का चयन किया है।

बिगड़ते समीकरणों को सुधारने की बड़ी तैयारी
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बेहद गंभीर माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों में राज्य के कुछ विशेष क्षेत्रों में कानून का पाठ पढ़ाने और बिगड़े हुए हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र अब पूरी तरह से सुरक्षा के स्तर पर गंभीर है। सरकार का यह संदेश साफ है कि बंगाल की जनता की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाकर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

सिंडिकेट और घुसपैठ पर सीधा प्रहार
सूत्रों के अनुसार, डॉ. अजयपाल शर्मा की तैनाती के बाद बंगाल में उन सिंडिकेट्स की कमर तोड़ने की योजना है जो विकास कार्यों और आम जनता के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में कानून का राज स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। केंद्र सरकार का यह शानदार फैसला बंगाल की भविष्य की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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