डिमोना पर ईरान के हमले में 180 लोग घायल, आठ की हालत गंभीर : इजरायल

तेल अवीव: इजरायल के दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर ईरान के भीषण मिसाइल हमलों में 180 से अधिक लोग जख्मी हो गए। इनमें से आठ की हालत गंभीर है।

इन शहरों पर हुए हमलों का मुख्य उद्देश्य डिमोना के पास स्थित ‘शिमोन पेरेज नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र’ को निशाना बनाना था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा नतांज परमाणु केंद्र पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में की गई है।

इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ईरान के इन मिसाइल हमलों में दो बच्चों सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की हालत नाजुक है। इजरायली मीडिया के अनुसार, देश की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में विफल रही, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।

एक इज़रायली सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि हमलों के दौरान हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया था, लेकिन वे कुछ मिसाइलों को रोकने में विफल रहीं, भले ही वे “विशेष या अपरिचित” नहीं थीं।

गौरतलब है कि डिमोना और अराद शहर नेगेव रेगिस्तान में स्थित हैं और इजरायल के संवेदनशील ढांचे का हिस्सा हैं। डिमोना को विश्व स्तर पर इजरायल के संदिग्ध परमाणु हथियार कार्यक्रम के केंद्र के रूप में जाना जाता है।

अराद शहर कई प्रमुख इजरायली रक्षा बलों के ठिकानों के पास स्थित है और परमाणु संयंत्र में काम करने वाले कर्मियों का आवासीय केंद्र भी है। ईरान ने इन दोनों शहरों को इसलिए चुना क्योंकि ये परमाणु बुनियादी ढांचे और सैन्य रसद की एक साझा शृंखला बनाते हैं।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह देश के लिए एक “कठिन शाम” थी। उन्होंने और आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने संकल्प लिया है कि इजरायल ईरान पर हमले जारी रखेगा, जहां 28 फरवरी के बाद से अमेरिकी-इजरायली हमलों में 200 बच्चों सहित 1500 लोगों की मौत हो चुकी है।

श्री नेतन्याहू ने प्रभावित शहरों के महापौरों से बात कर उन्हें सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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