गुवाहाटी। असम में बाढ़ से पांच जिलों के 14 राजस्व मंडलों के 115 गांवों के 23876 नागरिक प्रभावित हैं। बाढ़ अपने पीछे लंबे समय तक न भूलने की त्रास्दी छोड़ गई है। ऊपरी असम के चार जिलों के प्रभावित लोगों ने जन-धन गंवाने के बावजूद नए सिरे से अपनी जिंदगी को जीने की कवायद तेज कर दिया है।
इस समय सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। बीती रात मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में भी प्रभावितों के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने को लेकर निर्णय लिए गए।
बाढ़ संबंधी यह सूचना असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 18 अगस्त के जारी आंकड़ों में दी गई है। अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट एवं गोलाघाट जिलों में हुआ है। इस समय 3206 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। मंगलवार को बाढ़ प्रभावित जानवरों की कुल संख्या 14645 दर्ज हुई है।
बाढ़ में राहत एवं बचाव अभियान में पुलिस एवं प्रशासन की टीमें जुटी हुईं हैं। राज्य सरकार ने कुल 10 मेडिकल टीमों को तैनात किया। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है।



