धनबाद। कतरास के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टांडाबारी में हुए भीषण भू-धंसान (Land Subsidence) ने तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। इस हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव और शोक का माहौल है। गुरुवार को डुमरी विधायक जयराम महतो ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर प्रबंधन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
“मौत के लिए BCCL जिम्मेदार”: जयराम महतो
विधायक जयराम महतो ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सीधे तौर पर बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा यदि क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है, तो बीसीसीएल प्रबंधन अब तक मौन क्यों था? यह उनकी अक्षमता और लापरवाही का नतीजा है। प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन केवल दिखावा है, धरातल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और ग्रामीणों को सुरक्षित पुनर्वास नहीं मिला, तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: अधिकारियों को खदेड़ा, किया पथराव
हादसे के बाद से ही ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि धंसान की आशंका को लेकर कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
इससे पहले आक्रोशित भीड़ ने मौके पर पहुँचे बीसीसीएल अधिकारियों को खदेड़ दिया था। रेस्क्यू टीम पर पथराव की भी खबरें आईं, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
हादसे की वर्तमान स्थिति
प्रशासनिक अपडेट के अनुसार, मलबे से अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं। क्षेत्र में जमीन के अंदर अभी भी हलचल और गैस रिसाव की आशंका बनी हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को असुरक्षित घोषित कर दिया है और लोगों को दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
प्रमुख मांगें:
मृतकों के आश्रितों को अविलंब सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा।
प्रभावित पूरे क्षेत्र का तत्काल वैज्ञानिक सर्वेक्षण और पुनर्वास।
दोषी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।
