गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन पांच जिलों के 147 गांवों में 31,918 नागरिक अब भी प्रभावित हैं। राज्य की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर सामान्य स्तर पर पहुंच गया है। प्रभावित लोग अब अपने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। इस बीच शिवसागर जिले में एक और व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के 31,951 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम बाढ़ राहत जारी की। बाढ़ प्रभावित परिवारों को अंतरिम सहायता के रूप में अब तक 146.26 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को सामान्य जीवन शुरू करने में मदद के लिए सरकार की ओर से हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 17 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। एक और व्यक्ति का शव बरामद होने के बाद बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है। बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों में हुआ है।
वर्तमान में राज्य के पांच जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इनमें गोलाघाट, शिवसागर, नगांव, बिश्वनाथ और जोरहाट शामिल हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 11 राहत शिविर और चार राहत वितरण केंद्र समेत कुल 15 शिविर अब भी संचालित रखे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग समेत विभिन्न एजेंसियां जुटी हुई हैं। राज्य सरकार ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में छह चिकित्सा दल भी तैनात किए। बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।



