नई दिल्ली। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 4,800 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। यह कंपनी के कुल कार्यबल का लगभग 2.1 प्रतिशत है। सबसे अधिक असर एक्सबॉक्स गेमिंग और वाणिज्यिक बिक्री विभाग पर पड़ा है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बदलने के लिए नहीं उठाया गया, लेकिन विशेषज्ञ इसे एआई निवेश से जुड़ी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।
कामकाज में बदलाव का दिया तर्क
माइक्रोसॉफ्ट की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि यह फैसला केवल लागत घटाने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के काम करने के तरीके में बदलाव लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने हाल के वर्षों में एआई तकनीक पर बड़े स्तर पर निवेश किया है। विश्लेषकों का मानना है कि इसी कारण कंपनी अपने खर्च और संसाधनों का पुनर्गठन कर रही है।
एक्सबॉक्स विभाग पर सबसे अधिक असर
छंटनी का सबसे बड़ा प्रभाव एक्सबॉक्स गेमिंग विभाग पर पड़ा है, जहां लगभग 1,600 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। बताया जा रहा है कि इस विभाग के करीब 20 प्रतिशत कार्यबल में कटौती हुई है। कंपनी के अनुसार, गेमिंग कारोबार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इससे पहले भी माइक्रोसॉफ्ट स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना लागू कर चुकी है, जिसके तहत लगभग 3,000 कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ी थी।
क्या एआई बना वजह?
माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को एआई से प्रतिस्थापित नहीं किया जा रहा है। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एआई पर बढ़ते निवेश के कारण कंपनियां अपने खर्च का पुनर्संतुलन कर रही हैं, जिसका असर कर्मचारियों की संख्या पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एआई की बढ़ती प्रतिस्पर्धा कंपनियों को अपने संसाधनों के पुनर्गठन के लिए मजबूर कर रही है। ऐसे में भले ही कर्मचारियों की जगह सीधे एआई न ले रहा हो, लेकिन एआई से जुड़ी निवेश रणनीति अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पर प्रभाव डाल रही है।
