आज नदियों को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी : सरयू

पूर्वी सिंहभूम। स्वर्णरेखा और खरकई के संगम पर प्रकांड विद्वान विनोद पांडेय के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नदी पूजन संपन्न हुआ। यजमान के रूप में सरयू राय और मानव केडिया शामिल रहे। शांति पाठ और संकल्प के साथ शुरू हुए इस अनुष्ठान में घनश्याम मिश्रा, सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, कुलविंदर सिंह पन्नू, मंजू सिंह, प्रेम सक्सेना, विकास साहनी, विनोद सिंह, अर्जुन यादव, प्रवीण सिंह, शमशाद खान, संतोष भगत, तारक मुखर्जी, राकेश कुमार और सुनील वर्मा उपस्थित थे। 21वें स्वर्णरेखा महोत्सव के अवसर पर इस वर्ष जमशेदपुर के पांच प्रमुख घाटों—दोमुहानी घाट (सोनारी), गांधी घाट (मानगो), भोजपुर घाट (बारीडीह), पांडेय घाट (भुईंयाडीह) और बोधनवाला घाट (बिष्टुपुर)—पर नदी पूजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। बोधनवाला घाट पर खरकई स्वर्णरेखा संरक्षण समिति के तत्वावधान में हुए आयोजन में टाटा स्टील के कॉरपोरेशन कम्युनिकेशन हेड राजेश राजन मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ मारुति पांडेय, सुजीत साहू, गोपी राव, रत्नेश सिंह, संजीव कुमार, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सौरभ कुमार सिंह, दिलीप गुप्ता, नवसाद हुसैन और अमित कुमार भी मौजूद थे। अन्य घाटों पर भी स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर नदियों के संरक्षण का संकल्प लिया। नदियों के संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए बुधवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि यदि आज नदियों को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और युगांतर भारती द्वारा आयोजित स्वर्णरेखा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का अभियान है। दोमुहानी घाट पर नदी पूजन के दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि नदियों को गंदा करना बंद किया जाए, क्योंकि प्रकृति स्वयं हर मानसून में उन्हें स्वच्छ कर देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हम नदियों को प्रदूषित ही नहीं करेंगे, तो सफाई पर अरबों रुपये खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ेगी।

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