रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने पार्टी के संस्थापक और दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि शिबू सोरेन को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग आगे भी जारी रहेगी।
पद्म भूषण सम्मान की घोषणा के बाद विदेश यात्रा पर गए मुख्यमंत्री और जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया है। लंदन दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि झारखंड की समस्त जनता की ओर से वे केंद्र सरकार को इस सम्मान के लिए हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हैं।
हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में लिखा कि दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन का जीवन राजनीति की सीमाओं से कहीं आगे तक फैला हुआ था। उनका संपूर्ण जीवन समता, सामाजिक न्याय, समावेशी विकास, आदिवासी अस्मिता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्षों का जीवंत उदाहरण रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही वह ऐतिहासिक संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया और झारखंडवासियों को अपनी पहचान पर गर्व करने का अवसर दिया।
हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि झारखंड की जनता के दिलों में ही नहीं, बल्कि लद्दाख से केरल और राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच दिशोम गुरु शिबू सोरेन भारत मां के सच्चे सपूत थे, हैं और सदैव रहेंगे। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि दिशोम गुरु उनके लिए और आदिवासी समाज के लिए ‘भारत रत्न’ के समान हैं।
