पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार बजट 2026-27 जन-जन की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा विकसित बिहार की स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करने वाला है। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने तीन फरवरी यानि मंगलवार को बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजयेंद्र यादव द्वारा प्रस्तुत बिहार बजट 2026-27 को 14 करोड़ बिहारवासियों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया बजट बताते हुए कहा-यह सामाजिक न्याय, आर्थिक प्रगति और समावेशी विकास के प्रति एनडीए सरकार की अटूट और ईमानदार प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में बिहार का बजट लगातार विशाल और अधिक समावेशी होता गया है। वर्ष 2004-05 में जहां बिहार का बजट 23,885 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 3,47,589.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाती है। सम्राट चौधरी ने कहा कि एक ओर भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, वहीं दूसरी ओर बिहार भी आर्थिक विकास की रफ्तार में अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा है। वर्ष 2025-26 के लिए अनुमान है कि बिहार की अर्थव्यवस्था 14.9 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए बिहार सरकार ने सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के माध्यम से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब सात निश्चय-3 के संकल्प के साथ बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संकल्प के तहत प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने, वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ रोजगार अवसर सृजित करने और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता या ऋण की व्यवस्था इस बजट में की गई है। किसानों के हित में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 3 हजार रुपये सालाना अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा भी इस बजट की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
उन्हाेंने कहा कि बजट में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश किया गया है। स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए 68,216.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो किसी भी विभाग में सर्वाधिक है। यह सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है। स्वास्थ्य के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास के लिए 23,701.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में विकसित करने, प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना है। इसके साथ ही हर खेत तक पानी, गंगा जल आपूर्ति योजना तथा बिजली उत्पादन और खपत बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग के क्षेत्र में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। पांच नए एक्सप्रेस-वे, सौर ऊर्जा का विस्तार, गरीबों के लिए सस्ता आवास, खेल और पर्यटन सुविधाओं का विकास तथा बुजुर्गों को घर बैठे स्वास्थ्य एवं संपत्ति पंजीकरण जैसी सुविधाएं इस बजट को जनकल्याणकारी बनाती हैं।
