रांची। पुलिस मुख्यालय में बुधवार को गृह सचिव वंदना दादेल और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने डीजी-आईजी कांफ्रेंस को लेकर डिब्रीफिंग को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा की।
इस दौरान गृह सचिव और डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को कई अहम दिशा निर्देश दिया।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार झारखंड पुलिस के केंद्रीय सभागार में बुधवार को राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग) वंदना दादेल और पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा ने किया। डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस 2025 के मद्देनजर आयोजित इस डी-ब्रीफिंग बैठक में नए आपराधिक कानूनों के अनुपालन से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कल्याण कार्यों तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने संयुक्त रूप से सभी पुलिस अधीक्षकों को बताया की डीजी-आईजी कांफ्रेंस में जिन निर्देशों के पालन की रूपरेखा तैयार की गई थी, उनका राज्य में अनुपालन बेहद जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डीजीपी आईजीपी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सम्मेलन में देश की अंतरिम सुरक्षा चुनौतियों को हल करने के लिए कई तरह के सुझाव और निर्देश जारी किए गए थे। इस कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का अनुपालन झारखंड में किस तरह से हो रहा है उसे लेकर बुधवार को गृह सचिव और डीजी ने समीक्षा बैठक की।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश
-कॉन्फ्रेंस के सभी बिंदुओं का थाना स्तर पर अनुपालन हो।
-सभी एसपी सुनिश्चित करेंगे कि डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस 2025 के हर बिंदु का थाना स्तर तक सख्ती से पालन हो। नए आपराधिक कानून (न्याय संहिता) का 100प्रतिशत अनुपालन नए कानूनों का पूर्ण रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
-बीट पुलिसिंग और सामुदायिक सहभागिता पर जोर।
-सभी एसपी बीट पुलिसिंग को मजबूत बनाने और जनता की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें।
-सभी क्षेत्रीय, जिला और थाना स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएं, ताकि नवीनतम परिणाम प्राप्त हो सके।
-सभी पुलिस अधीक्षक को गिरफ्तारी केंद्रित पुलिसिंग के बजाय दोषसिद्धि पर ध्यान रखने का निर्देश।
-नक्सल प्रभावित जिलों में कल्याण, युवा सहभागिता, खेल और सांस्कृतिक पर ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें।
-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यमों से पुलिस के अच्छे कार्यों का अनिवार्य रूप से प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें।
-बीट पुलिसिंग, सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी रूप से मजबूत करते हुए ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें।
-मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर आम जनता को जागरूक करते के लिए प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें।
-महिला सुरक्षा से संबंधित सभी प्रकार के अपराध के मद्देनजर सभी प्रकार की वांछित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, झारखंड टी कंदसामी, पुलिस महानिरीक्षक, मानवाधिकार, क्रांति कुमार गड़िदेशी, झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग के निदेशक अखिलेश कुमार झा, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, झारखंड प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, अपअनुवि, झारखंड असीम विक्रांत मिंज, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण, झारखंड ए. विजयालक्ष्मी, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, झारखंड सुदर्शन मंडल, पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ, झारखंड अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजन, झारखंड पटेल मयूर कनैयालाल, अजय कुमार लिंडा सहित अन्य मौजूद थे।
