पटना। बिहार विधान परिषद में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य सौरभ कुमार ने सरकार से सवाल किया कि चुनाव से पहले लगभग 12 लाख प्रधानमंत्री आवास देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक केवल 2 लाख 80 हजार आवास ही पूरे हो पाए हैं। लगभग 9 लाख आवासों का पैसा अभी लंबित है।
सौरभ कुमार ने कहा कि कई गरीबों ने अपने घर की छत तोड़ दी है, लेकिन अब उनके घर बनाने के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आवास योजना के लिए समय पर पैसा नहीं दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसी बीच महिला रोजगार योजना के तहत ढाई लाख महिलाओं को 2,500 करोड़ रुपये की राशि दी गई। यदि वही राशि आवास योजना में दी जाती, तो गरीबों के घर बन जाते।
इस पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास और परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने जवाब दिया कि राजद सदस्य की चिंता कहीं और है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पैसा नहीं दे रही है, यह कहना सही नहीं है। विलंब राज्य सरकार की तरफ से हुआ है। मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से मुलाकात कर नोडल एजेंसी बनाने की प्रक्रिया में थोड़ी देर होने की जानकारी दी। मांग पर 91 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से जारी भी किए गए हैं।
मंत्री ने आश्वस्त किया कि 31 मार्च तक और राशि स्वीकृत कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवास के लिए केंद्र का 60 प्रतिशत और राज्य का 40 प्रतिशत योगदान सुनिश्चित किया गया है। वित्त विभाग की तरफ से थोड़े विलंब के बावजूद गरीबों के घर बनाने का काम जारी रहेगा और केंद्र की राशि भी समय पर उपलब्ध होगी
