रामगढ़। हाल के दिनों में हुई गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बोकारो रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुनील भास्कर ने मंगलवार को रामगढ़ पहुंचकर अपराध नियंत्रण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान आईजी ने कहा कि रामगढ़ पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य कर रही है और कई मामलों में अपराधियों, विशेष रूप से गैंगस्टरों की गिरफ्तारी भी की गई है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट (सीसीए) के तहत कार्रवाई तेज करने, नियमित थाना हाजिरी सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार जिला बदर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आईजी ने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस प्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, पतरातू के अनुमंडल ुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गौरव गोस्वामी तथा जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों को तकनीकी निगरानी बढ़ाने और अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।
बैठक में राहुल सिंह और राहुल दुबे गैंग के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन अपराधियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई है। इस पर आईजी ने निर्देश दिया कि जो अपराधी देश छोड़कर फरार हैं, उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
आईजी ने बताया कि अमन साहू, अमन श्रीवास्तव, राहुल सिंह और राहुल दुबे गैंग से जुड़े लगभग 30 अपराधियों के खिलाफ सीसीए, थाना हाजिरी और जिला बदर जैसी कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने हालिया घटनाओं में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए रामगढ़ पुलिस की सराहना की और कहा कि अब इन मामलों में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित कर अपराधियों को जल्द सजा दिलाना जरूरी है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संगठित अपराध से जुड़े व्यक्तियों की विस्तृत सूची तैयार करने और रंगदारी वसूली में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनकी संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए।
आईजी ने कहा कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति पर कार्रवाई कर अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करना जरूरी है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना और जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना है, ताकि आम लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
