कोडरमा। विनोबा भावे विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित लॉ सेमेस्टर 2 की परीक्षा में दूसरे दिन का प्रश्न पत्र बांटने का मामला सामने आया है। बुधवार को जेजे कॉलेज में छात्रों ने इस गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने बताया कि 18 फरवरी को लॉ ऑफ क्राइम 2 की परीक्षा होनी थी, लेकिन उन्हें 19 फरवरी को होने वाली सीपीसी (सिविल प्रोसीजर एंड लिमिटेशंस एक्ट) का प्रश्नपत्र दिया गया। जैसे ही छात्रों को गलत प्रश्नपत्र मिला, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना जगन्नाथ जैन महाविद्यालय के प्रोफेसरों और प्राचार्य को दी। प्राचार्य मिथिलेश उपाध्याय ने तत्काल सभी छात्रों से प्रश्नपत्र वापस ले लिए और विनोबा भावे विश्वविद्यालय को घटना की जानकारी दी। इधर, विश्वविद्यालय की इस लापरवाही से छात्रों में भारी रोष है। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय ने बिना किसी अंतराल के सभी विषयों की परीक्षाओं का कार्यक्रम तैयार किया है, जो गलत है। यह भी कहा कि कई परीक्षार्थी दूसरे जिलों और बिहार से आए हैं, जिन्हें किराए पर होटल या लॉज में रहना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस मामले पर जगन्नाथ जैन महाविद्यालय के प्राचार्य मिथिलेश उपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिदिन प्रश्नपत्रों का एक सील लिफाफा आता है, जिसका हमलोग पूरी तरह से वीडियोग्राफी करवा कर ही सील खोलते हैं। उनके अनुसार, बुधवार को होने वाली परीक्षा को लेकर भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। हमारे द्वारा प्रश्नपत्रों के सील खोलने के बाद उसे सीधा छात्रों में वितरण कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आज हुई समस्या से विश्वविद्यालय को अवगत करा दिया गया है। विश्वविद्यालय से आगे का निर्देश आएगा उसी अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
