नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दोपहर 2 बजे शुरू हुई परीक्षा शाम 5:15 बजे तक चली। इस बार अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। निर्धारित नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे, जिसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक का उपयोग
परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों का उपयोग किया गया। देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों के 95 हजार से अधिक कमरों में लगभग 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनकी निगरानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली के माध्यम से की गई।
इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए 51,311 सिग्नल जैमर सक्रिय रखे गए। झारखंड में भी 67 परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा प्रभावी रखी गई।
परीक्षा के दौरान सामने आईं प्रेरक और संवेदनशील तस्वीरें
परीक्षा के दिन कई प्रेरक घटनाएं भी देखने को मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद करीब 45 मिनट तक वहीं रुके रहे ताकि उनके काफिले की आवाजाही से परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की यातायात संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं एक सड़क दुर्घटना में घायल होने और बड़ी सर्जरी से गुजरने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने परीक्षा देने का साहस दिखाया। परिवार के अनुरोध पर परीक्षा केंद्र में उनके लिए विशेष चिकित्सा टीम, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन सहायता की व्यवस्था की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी छात्रा के परिजनों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
कुछ अभ्यर्थी देरी के कारण नहीं दे सके परीक्षा
दूसरी ओर भोपाल में एक सड़क दुर्घटना के कारण प्राथमिक उपचार कराने में समय लगने से दो अभ्यर्थी कुछ मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। परीक्षा नियमों के तहत केंद्र प्रशासन ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर रहा विशेष जोर
पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित इस पुनर्परीक्षा में एनटीए ने सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। परीक्षा के सफल आयोजन के साथ अब अभ्यर्थियों को परिणाम का इंतजार है, जिसके आधार पर देशभर के मेडिकल और डेंटल संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
