पटना। बिहार विधानसभा में गुरुवार को सरकारी दस्तावेजों में जाति के कॉलम में भूमिहार होगा या भूमिहार ब्राह्मण इसे लेकर उपमुख्यमंत्री सह राजस्व भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने बड़ा ऐलान किया। इसमें घोषणा की गई कि राजस्व भूमि सुधार विभाग के अभिलेख में पहले की तरह भूमिहार ब्राह्मण लिखा रहेगा। इसमें किसी तरह का कोई सुधार नहीं किया जाएगा।
मंत्री विजय सिन्हा ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका निर्देश दे दिया गया है। शुन्यकाल में अतरी विधायक रोमित कुमार ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि 1931 की जनगणना में भूमिहार ब्राह्मण की आबादी 9 लाख दर्ज थी, लेकिन 2023 में हुई जातीय आधारित गणना में शामिल 215 जातियों की सूची में इस जाति (भूमिहार ब्राह्मण) का नाम हटा दिया गया। इसका कहीं कोई जिक्र नहीं था। उनके इस सवाल पर विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि अभिलेख में पहले की तरह भूमिहार ब्राह्मण ही लिखा रहेगा।
उल्लेखनीय है कि जाति गणना के डेटा में समुदाय का नाम “भूमिहार” दर्ज किया गया है, जबकि भूमिहार समाज के एक बड़े हिस्से का कहना है कि उनकी ऐतिहासिक-सामाजिक पहचान “भूमिहार ब्राह्मण” के रूप में रही है। इसी नाम को सरकारी दस्तावेज़ों में दर्ज किए जाने की मांग की जा रही है।
