पश्चिम बंगाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत, एसआईआर में उत्पीड़न का आरोप

कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को कई लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कैनिंग पूर्व के विधायक सौकत मोल्ला के साथ सात लोग जीवनतल्ला थाने पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपी।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। अधिकारी ने बताया कि हमें एसआईआर के दौरान कथित उत्पीड़न को लेकर सात शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सभी मामलों की जांच की जाएगी।

33 हजार नाम हटाने की सिफारिश का दावा विधायक मोल्ला ने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में लगभग 33 हजार नाम हटाने की सिफारिश की गई है। उनका आरोप है कि यह कदम वास्तविक मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि इनमें से कई लोगों के पास वैध दस्तावेज मौजूद हैं और वे सुनवाई में भी शामिल हो चुके हैं। इसके बावजूद उनके नाम हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मोल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि हटाए जाने वाले नामों में अधिकांश अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाया।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक आधिकारिक सूची प्रकाशित नहीं हुई है, तब तक नाम हटाने की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के प्रमुख के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराना कानूनी रूप से संभव नहीं है।

पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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