झारखंड विधानसभा में बालू घाटों की कैटेगरी पर बहस, मंत्री ने कहा-ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कोलेबिरा से कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने बालू घाटों की कैटेगरी व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल में बालू घाटों को अलग-अलग कैटेगरी में विभाजित किया गया था। पेशा नियमावली का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया नहीं की जा सकती। विधायक ने सवाल उठाया कि क्या सरकार कैटेगरी-वन और कैटेगरी-टू की व्यवस्था समाप्त कर पूर्व की तरह बिना कैटेगरी का नियम लागू करने पर विचार कर रही है। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि पहले बालू घाट बिना कैटेगरी के लघु खनिज के अंतर्गत आते थे, लेकिन अब उन्हें श्रेणीबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि नई नियमावली के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई भी खनिज पट्टा जारी नहीं किया जा सकता।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड रेत खनन खनिज नियम के अनुसार, बालू घाटों की नीलामी जिला स्तर पर टेंडर प्रक्रिया से की जाती है। किसी भी बालू घाट की लीज ग्रामसभा की अनुमति के बिना जारी नहीं होगी।

हालांकि विधायक कोनगाड़ी ने दोहराया कि उनका मुख्य प्रश्न यह है कि सरकार कैटेगरी व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है या नहीं। उन्होंने कैटेगरी-टू के टेंडर शर्तों में अनुसूचित क्षेत्रों की आदिवासी समितियों के खनन अधिकारों के हनन का मुद्दा भी उठाया।

मंत्री ने जवाब में कहा कि कैटेगरी-वन के अंतर्गत बालू खनन का अधिकार सीधे ग्राम समिति को दिया जा रहा है।

सारठ में इंडोर स्टेडियम निर्माण की मांग

इस बीच सारठ विधानसभा क्षेत्र से विधायक उदय शंकर सिंह ने सदन में सारठ में इंडोर स्टेडियम निर्माण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इंडोर स्टेडियम देवघर में स्थित है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को असुविधा होती है।

इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि विधायक देवघर के उपायुक्त के साथ समन्वय कर भूमि उपलब्ध कराने की पहल करें। जमीन उपलब्ध होते ही सरकार सारठ में इंडोर स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेगी।

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