सूरत : गुजरात के सूरत शहर के सरथाणा क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ योगी चौक के पास स्थित एक आवासीय सोसायटी में रहने वाली 29 वर्षीय महिला ने अपने महज चार महीने के मासूम बेटे को कथित रूप से तेजाब (एसिड) पिलाने के बाद स्वयं भी एसिड घटक कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने दोनों को अत्यंत गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान मां और उसके कलेजे के टुकड़े दोनों ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और शोक का माहौल है।
अमरेली की रहने वाली थी महिला, प्रसव के बाद से चल रहा था मानसिक उपचार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका मूल रूप से गुजरात के ही अमरेली जिले अंतर्गत धारी तहसील की रहने वाली थी और विवाह के बाद अपने पति व परिवार के साथ सूरत में रह रही थी। कुछ महीने पहले ही उसने एक प्यारे से बेटे को जन्म दिया था, जिससे परिवार में खुशियों का माहौल था। हालांकि, परिजनों के मुताबिक प्रसव (डिलीवरी) के बाद से ही महिला की मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं थी और वह गंभीर अवसाद (पोस्टपार्टम डिप्रेशन) से जूझ रही थी। इसके लिए उसका बाकायदा डॉक्टरी इलाज भी चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उसने खाना-पीना भी लगभग छोड़ दिया था, जिससे परिवार के सभी सदस्य बेहद चिंतित थे।
शौचालय में जाकर वारदात को दिया अंजाम, चीख सुनकर दौड़े परिजन
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के अनुसार, यह खौफनाक वारदात सोमवार की शाम को घटित हुई। महिला अचानक अपने चार महीने के बेटे को गोद में लेकर सोसायटी के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित शौचालय (टॉयलेट) में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। वहां उसने पहले मासूम बच्चे के मुंह में जबरन एसिड डाल दिया और उसके तुरंत बाद खुद भी तेजाब पी लिया। कुछ समय बाद जब भीतर से असामान्य आवाजें आईं, तो परिजन और स्थानीय लोग दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। दोनों को तुरंत लहूलुहान और झुलसी हुई हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अंततः दोनों की मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मृत्यु का मामला, गहन जांच में जुटी टीम
घटना की भयावहता को देखते हुए सरथाणा थाने की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने इस संबंध में फिलहाल आकस्मिक मृत्यु (एक्सीडेंटल डेथ) का मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती साक्ष्यों से स्पष्ट है कि महिला लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और डिप्रेशन का शिकार थी। हालांकि, पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस आत्मघाती कदम के पीछे प्रसव के बाद का अवसाद ही एकमात्र कारण था या कोई अन्य पारिवारिक विवाद भी शामिल था। पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों के विस्तृत बयान दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
