रांची। विदेश में किसी प्रवासी मजदूर की मौत होने पर उसके शव को भारत लाने के लिए रेल या हवाई यात्रा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। यह बातें मंत्री संजय प्रसाद यादव ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान श्रम, नियोजन, कौशल विकास एवं उद्योग विभाग की कटौती प्रस्ताव के बाद मांगों पर चर्चा के दौरान मंगलवार को सदन में जवाब देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा और उनके परिवारों को सहायता देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में मौत के शिकार हुए 273 प्रवासी श्रमिकों के परिजनों को अबतक 02 करोड़ 85 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। वहीं 219 प्रवासी मजदूरों के शव को उनके पैतृक निवास तक लाने के लिए एक करोड़ छह लाख 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
मंत्री ने बताया कि विदेशों में काम कर रहे छह मजदूरों की मौत होने पर उनके परिवारों को 30 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसके अलावा झारखंड राज्य प्रवासी सुलभ योजना के तहत राज्य मुख्यालय में प्रवासी नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे। साथ ही पांच अन्य राज्यों में भी ऐसे नियंत्रण कक्ष खोले जाने की योजना है, ताकि प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव आए हैं, इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विश्व आर्थिक मंच के माध्यम से झारखंड को एक लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इस निवेश से राज्य में 45 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के कारण करीब 20 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की भी संभावना बनी है। इससे लगभग 19 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य में 15 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिनके माध्यम से करीब 29 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। मंत्री ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अभियान चलाकर 80 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। इनमें से 22 बच्चों का स्कूलों में नामांकन करा दिया गया है, जबकि अन्य बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही स्पीकर डॉ रबीन्द्र नाथ महतो ने सदन में विपक्ष के लाए गए कटौती प्रस्ताव को अस्वीकृृत करते हुए सदन की कार्यवाही 11 मार्च को दिन के 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
