आयतुल्ला खामेनेई की कुर्सी संभालने के बाद बोले मोजतबा, शहीदों के खून का बदला लेंगे

तेहरान ईरान के नवनियुक्त और तीसरे सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कार्यभार संभालने के बाद राष्ट्र के नाम अपने प्रथम संदेश में कहा है कि इजरायल-अमेरिका हमले में मारे गये ईरानियों की मौत का बदला लिया जायेगा और ईरान पड़ोसी देशों में बने अमेरिकी ठिकानों पर हमले करना जारी रखेगा।

सर्वोच्च नेता ने अपने संदेश में संघर्ष के दौरान मारे गये लोगों का जिक्र करते हुए कहा, “ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा।”

श्री खामेनेई ने मिनाब के बालिका विद्यालय पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाली 168 बालिकाओं का भी ज़िक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की सैन्य रणनीति केवल बचाव तक सीमित नहीं है। संदेश में चेतावनी दी गयी कि यदि आवश्यक हुआ, तो ईरान मौजूदा संघर्ष के बीच ‘अन्य मोर्चे’ भी खोल सकता है, जो पूरे क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है।

श्री खामेनेई का संदेश लिखित था और इसे सरकारी टीवी पर महिला एंकर ने पढ़कर सुनाया। इसमें श्री खामेनेई ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाना चाहिए।” उन्होंने इसे दुश्मनों पर दबाव बनाने का एक प्रभावी जरिया करार दिया। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है और उसका लक्ष्य केवल वे अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, जहां से ईरान के खिलाफ हमले किये जा रहे हैं। संदेश में इस बात का कोई संकेत नहीं दिया गया कि नये सर्वोच्च नेता वर्तमान में कहां हैं, या उनकी स्वास्थ्य और शारीरिक स्थिति कैसी है।

कुछ समाचारों में उन्हें घायल बताया गया था। श्री खामेनेई का बयान ऐसे समय में आया है, जब इजरायल और अमेरिका का ईरान के साथ टकराव 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इनके बीच तनाव चरम पर है। उन्होंने अपने पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई का स्थान लिया है, जिनकी इजरायल-अमेरिका के हमले में 28 फरवरी को मौत हो गयी थी।

इससे पूर्व, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने बताया कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले शुरू होने के बाद से अब तक करीब 32 लाख ईरानी नागरिक देश के भीतर ही विस्थापित हो चुके हैं।

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