सारण। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने अखिल भारतीय दर्शन परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन सोमवार को किया।
राज्यपाल सह कुलाधिपति को सारण पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके पश्चात उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित दो महिला छात्रावासों और एक केंद्रीय पुस्तकालय का लोकार्पण किया।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा राष्ट्रीय सुरक्षा का अर्थ केवल सीमाओं की रक्षा करना नहीं है बल्कि अपनी संस्कृति सोच और मूल्यों की रक्षा करना भी है कुलाधिपति ने अधिवेशन में उपस्थित दर्शनशास्त्रियों और शोधार्थियों को इंटेलेक्चुअल वॉरियर्स की संज्ञा दी।
उन्होंने कहा कि जब हम सीमाओं के साथ-साथ अपनी सभ्यता और मूल्यों को सुरक्षित रखते हैं, तभी राष्ट्र की सुरक्षा पूर्ण होती है। राज्यपाल ने सारण के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि वैदिक काल से ही यह भूमि चिंतन और वैचारिक क्रांति की केंद्र रही है।
उन्होंने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, लोककवि भिखारी ठाकुर और महेंद्र मिश्र जैसे विभूतियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन महापुरुषों ने न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत को नई ऊर्जा और संस्कार दिए हैं। जेपी की ‘संपूर्ण क्रांति’ पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह महज राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि एक नैतिक और मानवीय परिवर्तन का आह्वान था, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उतनी ही है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेयी ने महामहिम का स्वागत किया और संस्थान की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय जेपी के सपनों और आदर्शों को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद् उपस्थित रहे।
