नयी दिल्ली ; उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें चिंगरीहाटा में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के 366 मीटर के हिस्से के निर्माण के लिए लगातार दो सप्ताहांत की रातों में यातायात रोकने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश को चुनौती दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश में कोई खामी नहीं पाई गयी और राज्य का रुख परियोजना में देरी करने और उसे रोकने के उद्देश्य से एक अड़ियल रवैये को दर्शाता है। न्यायालय ने कहा कि अस्थायी यातायात प्रतिबंधों से बचने के लिए त्योहारों के सीजन और आगामी चुनावों का हवाला देना अनुचित है और यह एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन परियोजना को आगे बढ़ाने में अनिच्छा को दर्शाता है।
