देवघर । पुलिस केन्द्र, देवघर स्थित मीटिंग हॉल में गुरुवार को एम्स, देवघर के वरीय चिकित्सकों और उनकी टीम ने पुलिस कर्मियों के लिए सीपीआर (कार्डियोपलमोनरी रिससिटेशन) पर एक अत्यंत उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थानों से एक-एक सहायक उपनिरीक्षक (असनि) एवं एक आरक्षी ने भाग लिया। इसके अलावा बाबा मंदिर थाना के सभी पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों (ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छोड़कर) ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों की टीम ने अचानक हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) जैसी आपात स्थिति में मरीज को जीवनदान देने के िलए सीपीआर तकनीक की महत्वपूर्ण बारीकियों को डमी (प्रैक्टिकल मॉडल) के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझाया। प्रशिक्षण के अंतर्गत सभी पुलिस कर्मियों ने स्वयं अभ्यास कर तकनीक को व्यवहारिक रूप से सीखा।
प्रतिभागियों ने पूरे प्रशिक्षण के दौरान गहरी रुचि और सक्रिय भागीदारी दिखाई।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस कर्मी अक्सर किसी भी घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचते हैं। ऐसे में सीपीआर का प्रशिक्षण गोल्डन ऑवर के दौरान किसी व्यक्ति की जान बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने एम्स, देवघर के डॉक्टरों और उनकी टीम को इस सार्थक पहल के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि देवघर पुलिस जनहित से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे भी निरंतर आयोजित करती रहेगी, ताकि समाज को अधिक संवेदनशील, जागरूक एवं सक्षम बनाया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एम्स, देवघर से प्रोजेक्ट हेड डॉ राखी गौड़, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ अंजलि साह, प्रोफेसर डॉ नितिन और नर्सिंग ऑफिसर मिस एकता ने सक्रिय रूप से भाग लेकर प्रशिक्षण दिया।
