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🌺 ऊं श्री गणेशाय नमः 🌺
दिन – सोमवार
संवत्सर नाम – रौद्र
युगाब्दः- 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
अयन – सौम्यायन (उत्तरायण)
गोल – सौम्य (उत्तर)
ऋतु – बसन्त
मास – वैशाख
पक्ष – शुक्लपक्ष
तिथि – तृतीया दिन 10:40 बजे तक
नक्षत्र – कृत्तिका दिन 07:36 बजे तक
योग – सौभाग्य रात्रि 07:38 बजे तक
करण – गर
सूर्योदय – 05:38
सूर्यास्त – 06:22
दिशा शूल – पूर्व दिशा में
🌞पाक्षिक सूर्य – अश्विनी नक्षत्र में
🌸 आज का व्रत-त्योहार:- अक्षय तृतीया (रत्न,छाता,पंखा,शक्कर,जल-कुम्भादि दान तथा सागर अथवा अन्य तीर्थादि में स्नान-दान व चन्दन से भगवान श्रीविष्णु पूजन आदि का पुण्यफलदायक विधान।),ह्यग्रीव जयंती,श्रीबद्री-केदार तीर्थयात्रा दिवस,मातङ्गी जयंती,सर्वार्थसिद्धि योग (दिन 07:36 बजे के उपरांत),वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत (मध्याह्न व्यापिनी),पूर्व दिशा में शनि उदय 🌸
🌚राहु काल – प्रातः 07:30 से 09:00 बजे तक
🌹कल (21 अप्रैल मंगलवार) का व्रत-त्योहार:- मानव कम्प्यूटर के नाम से प्रसिद्ध भारतीय महिला शकुंतला देवी पुण्यतिथि 🌹
🌼 सुविचार 🌼
अक्षय तृतीया की तिथि को ईश्वर तिथि भी कहते हैं। इस दिन सुहागिन स्त्रियाँ और कन्यायें गौरी पूजन भी करतीं हैं। अक्षय तृतीया आत्म-निरीक्षण व आत्म-अवलोकन का भी दिन है।
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अस्यां तिथौ क्षयमुर्पति हुतं न दत्तं
तेनोक्षयेति कथिता मुनिभिस्तृतीया।
उद्दिश्य दैवतपितृन्क्रियते मनुष्यैः
तत् च अक्षयं भवति भारत सर्वमेव। ।
भावार्थ:- हे राजन! इस तिथि पर किए गए दान तथा पूजन-हवन आदि का क्षय नहीं होता,इसलिए ऋषि-मुनियों ने इसे अक्षय तृतीया कहा है। इस दिन देवों की कृपा-दृष्टि पाने एवं पितरों की गति-मुक्ति के लिए जो कर्म किया जाता है,वह अक्षय अर्थात् अविनाशी होता है।
👏सर्वे भवन्तु सुखिनः👏
सौजन्य:- सुशील कुमार पाण्डेय-प्राचार्य
आर्षविद्या शि•प्र•सेवा संस्थान-वेद विद्यालय
