रुद्रप्रयाग (केदारनाथ) : हिमालय की गोद में बसे ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट आज सुबह 8:00 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के साथ ही ‘जय बाबा केदार’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरी केदारघाटी गुंजायमान हो उठी। इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त धाम में मौजूद रहे।
प्रमुख आकर्षण: फूलों से महका मंदिर, सेना के बैंड की धुन
इस बार बाबा के दरबार की रौनक देखते ही बन रही है। मंदिर को 51 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से विशेष रूप से सजाया गया है। कपाट खुलने के दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और डमरू-नगाड़ों की गूंज ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
सीएम धामी ने मत्था टेका, देश के लिए मांगी सुख-समृद्धि
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मुख्य पूजा में हिस्सा लिया। उन्होंने बाबा केदार का आशीर्वाद लेकर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। सीएम ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं।
भक्तों का हुजूम और डोली का स्वागत
बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार शाम को ही ऊखीमठ से 17 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय कर धाम पहुंच गई थी।
यात्रा मार्ग: जंगलचट्टी, रामबाड़ा और लिनचोली होते हुए डोली बेस कैंप पहुंची।
भव्य स्वागत: जैसे ही डोली ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया, भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा का अभिनंदन किया।
परिक्रमा: डोली ने मंदिर की परिक्रमा के बाद भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विशेष पूजा-अर्चना की गई।
प्रशासनिक मुस्तैदी
यात्रा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मौके पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के लिए संदेश: कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा अब अपनी पूरी गति पर है। भारी भीड़ और मौसम को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपनी बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार करें।
