रांची : झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस और अपराधियों के बीच बुधवार सुबह बड़ी मुठभेड़ हुई। पंडरा के जमीन कारोबारी भार्गव सिंह हत्याकांड के आरोपी शूटर सत्यम पाठक ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। इस मुठभेड़ में पुलिस का एक जवान भी गोली लगने से जख्मी हुआ है।
हथियार बरामदगी के दौरान फिल्मी ड्रामा
रांची एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस सत्यम पाठक को उसके द्वारा छिपाए गए हथियारों की बरामदगी के लिए लेकर गई थी।
लोकेशन: कांके डैम के पास।
वारदात: सत्यम ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई: खुद को बचाते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें सत्यम के दोनों पैरों में गोली लगी। उसके हाथ में भी चोट आई है। घायल अपराधी और जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूर्व पार्षद हत्याकांड से भी जुड़े तार
सत्यम पाठक का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह धुर्वा के पूर्व पार्षद और भाजपा नेता वेद प्रकाश सिंह की हत्या में भी शामिल था।
गौरतलब है कि 7 जुलाई 2024 को धुर्वा बस स्टैंड के पास वेद प्रकाश पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थीं, जिसके बाद दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
एसएसपी का बयान
एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट किया कि अपराधी पुलिस अभिरक्षा से हथियार छीनकर फरार होने की फिराक में था। पुलिस की त्वरित और सख्त जवाबी कार्रवाई ने उसे मौके पर ही ढेर (घायल) कर दिया।
