Homeराष्ट्रीयईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका पर क्या बोले रक्षा मंत्री...... जाने

ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका पर क्या बोले रक्षा मंत्री…… जाने



नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को जर्मनी के तीन दिन के दौरे पर बर्लिन पहुंचे। उन्हें जर्मन वायु सेना के एक खास एयरक्राफ्ट में ले जाया गया। म्यूनिख से बर्लिन की उनकी उड़ान के दौरान फाइटर जेट्स ने उन्हें एस्कॉर्ट किया। बर्लिन पहुंचने पर उन्हें सैन्य सम्मान दिया गया। इस दौरे ने वह भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस और दूसरे सीनियर नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान मेक-इन-इंडिया पहल के तहत संयुक्त विकास और सह उत्पादन को बढ़ावा देने के मकसद से जर्मन के उद्योग प्रतिनिधियों से भी बातचीत होने की उम्मीद है। जर्मनी में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कहा है कि ईरान-अमेरिका के बीच मौजूदा हालत में भारत भले ही सीधे मध्यस्थता नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है, लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है। हो सकता है कि आगे चलकर वो समय आए, जब भारत अपनी भूमिका निभाए और उसमें सफलता भी मिले। राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें खास कामयाब नहीं होते दिख रही हैं। रक्षा मंत्री ने जर्मनी की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन बर्लिन में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया। उन्होंने लगभग 3 लाख भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रशंसा के साथ-साथ उन्हें दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि उनका योगदान व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अहम है। उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। उन्होंने जर्मनी में मौजूद भारतीयों से वैश्विक स्तर पर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का आग्रह किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि 2026 जर्मनी के साथ राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है, जो विश्वास, आपसी सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए भारत-जर्मनी साझेदारी को और मजबूत बनाने में अपना योगदान जारी रखें। उन्होंने विश्व के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सरकार के निरंतर समर्थन और सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उनके प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया। रक्षा मंत्री ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल नवाचार में हुई प्रगति का उल्लेख किया। जर्मनी के तीन दिवसीय दौरे पर गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध पर आने वाले समय में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा शांति की कोशिश की है और भविष्य में ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता में भूमिका निभा सकता है। उन्होंने साफ किया कि सही समय आने पर भारत आगे आ सकता है। रक्षा मंत्री ने जर्मनी की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन बर्लिन में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया।
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