नई दिल्ली। “राज्यसभा में आआपा के 10 सांसद हैं, उनमें से दो तिहाई से ज्यादा इसमें हमारे साथ हैं। उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं और आज सुबह हमने राज्यसभा के सभापति को हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज सौंप दिए। उनमें से 3 यहां आपके सामने हैं। हमारे अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल हैं।” राघव चड्ढा ने कहा, “आआपा, जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकताओं से भटक गई है। अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फ़ायदे के लिए काम करती है… पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूँ। इसलिए, आज हम यह घोषणा करते हैं कि मैं आआपा से खुद को अलग कर रहा हूँ और जनता के करीब जा रहा हूँ।” संसद के उच्च सदन में आम आदमी पार्टी के उपनेता रहे चड्ढा ने कहा, “हमने फैसला किया है कि हम राज्यसभा में आआपा के दो तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का पालन करेंगे और (एक पार्टी के रूप में) खुद को भाजपा में विलय करेंगे।” राघव चड्ढा ने कहा, “पिछले 12 सालों में भाजपा की केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई ऐसे फैसले लिए हैं जो कि आज से पहले कई नेता लेने से डरते थे। इस नेतृत्व पर जनता ने एक बार नहीं बल्कि तीन बार मुहर लगाई है। हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के लिए काम करेंगे।” पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आआपा) के राज्यसभा के सात सदस्यों ने अपने दल की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसद- राघव चड्ढा, अशाेक मित्तल एवं संदीप पाठक ने शुक्रवार को यहां संविधान क्लब में संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।
