कोटा: राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी’ (NEET UG) का पेपर उम्मीद के मुताबिक न होने पर एक 22 वर्षीय छात्र ने सोमवार देर रात आत्महत्या का प्रयास किया। गनीमत रही कि मकान मालिक की सतर्कता से उसे समय रहते अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
दौसा का रहने वाला है छात्र
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र मूल रूप से दौसा जिले का निवासी है। वह कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के रिद्धि-सिद्धि नगर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि 3 मई को परीक्षा देने के बाद से ही वह काफी परेशान और डिप्रेशन में था। इसी मानसिक तनाव के कारण उसने सोमवार रात यह खौफनाक कदम उठाया।
हालत खतरे से बाहर, पुलिस ले रही बयान
कुन्हाड़ी थाने के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) इमामुद्दीन ने बताया कि छात्र को देर रात करीब 12:20 बजे एमबीएस (MBS) अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था।
- वर्तमान स्थिति: डॉक्टरों के मुताबिक छात्र की हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर है।
- कानूनी कार्रवाई: पुलिस की टीम अस्पताल पहुंचकर छात्र के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
परिजनों को सूचित किया गया
घटना के बाद छात्र के पिता और अन्य परिजनों को सूचना दे दी गई है, जो कोटा के लिए रवाना हो चुके हैं। परिजनों ने बताया कि छात्र पिछले कुछ समय से कड़ी मेहनत कर रहा था। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छात्र की शारीरिक स्थिति में सुधार होते ही उसकी पेशेवर काउंसलिंग कराई जाएगी।
प्रशासन का संदेश: ‘परीक्षा जीवन से बड़ी नहीं’
इस घटना के बाद कोटा जिला प्रशासन और पुलिस ने छात्रों व अभिभावकों से भावुक अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि कोई भी डिग्री या परीक्षा मानव जीवन से मूल्यवान नहीं है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे तनाव की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों, शिक्षकों या परिवार की मदद लें और अकेले न रहें।
