कोलकाता : पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में 207 सीटों के साथ भाजपा की प्रचंड जीत के बाद भी सियासी पारा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने हार मानने से साफ इनकार करते हुए मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने से मना कर दिया है। मंगलवार को कालीघाट में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस चुनाव को ‘लोकतंत्र का ब्लैक आउट’ करार दिया।
‘काउंटिंग सेंटर पर हुआ खेल, आयोग रहा मौन’
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 100 से अधिक सीटों पर सुनियोजित तरीके से धांधली की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मतगणना एजेंटों को बाहर निकाला गया और कई केंद्रों पर हिंसा के दम पर नतीजों को बदला गया। उन्होंने कहा, “जब जनता ने हमें नकारा ही नहीं, तो इस्तीफा देने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता।”
सड़क से संसद तक संग्राम की तैयारी
ममता ने स्पष्ट किया कि वे इस हार को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं से मिले समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत विपक्षी एकजुटता उनके साथ है। अब टीएमसी कानूनी विकल्प तलाशने के साथ-साथ राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी में है।
बंगाल में खिला ‘कमल’, ढहा टीएमसी का किला
चुनाव परिणामों ने पूरे देश को चौंका दिया है, जहाँ भाजपा ने 207 सीटों का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है, वहीं ममता बनर्जी की पार्टी महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि पार्टी अब इस हार के खिलाफ बड़े कानूनी दांव-पेंच आजमाने वाली है।
