स्कूल में फर्जी नाबालिग प्रमाणपत्र का खुलासा, हेडमास्टर और शिक्षिका गिरफ्तार

पूर्वी चंपारण : जिले में शिक्षा के मंदिर (विधालय) में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है।जहां बालिग का उम्र घटाकर ‘नाबालिग’ (किशोर) बनाया जा रहा था,जिसका फायदा गंभीर अपराध में शामिल अपराधी उठा रहे थे। जिला किशोर न्याय परिषद ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इस मामले में मोतिहारी नगर थाना की पुलिस ने एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और एक सहायक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है,जिसके बाद जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। मामला जिले के चिरैया प्रखंड के ‘राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, परेवा का है,जहां इस स्कूल के हेडमास्टर और शिक्षिका ने मोटी रकम लेकर चिरैया थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए एक लड़की के अपहरण और बाइक चोरी जैसे संगीन मामलों में परेवा गांव निवासी स्वर्गीय बिलट साह का पुत्र भोला कुमार उर्फ भोला साह को मोतिहारी सेन्ट्रल जेल से छुड़ाने और कोर्ट से जमानत दिलाने के लिए स्कूल से फर्जी प्रमाण पत्र जारी करवा दिया गया। इन लोगो ने उसकी जन्म तिथि 15 मई 2006 अंकित कर दी, ताकि वह नाबालिग साबित हो सके। किशोर न्याय परिषद के समक्ष जब अपराधी का कथित किशोर बताते हुए शपथ पत्र और स्कूल की नामांकन पंजी (एडमिशन रजिस्टर) प्रस्तुत की गई, तो बोर्ड ने संदेह के आधार पर स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर द्वारा लाई गई नामांकन पंजी का गहराई से अवलोकन किया, तो कई चौंकाने वाले रहस्य सामने आए। प्राथमिकी दर्ज होते ही नगर थाना पुलिस ने स्कूल के हेडमास्टर सुबोध कुमार पाठक और इसी विद्यालय की सहायक शिक्षिका रिभा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इन दोनों की मिलीभगत से ही इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन शिक्षकों ने अन्य अपराधियों को भी नाबालिग होने का प्रमाण पत्र तो नही दिया है। जांच में पाया गया कि उक्त नामांकन पंजी को वर्ष 2014 में ही ‘लाल स्याही’ चलाकर पूरी तरह क्लोज (बंद) कर दिया गया था। इसके बावजूद, इन लोगों ने क्लोज हो चुके रजिस्टर के अंत में स्याही बदलकर बैकडेट में तीन नए नामांकन दर्ज किए थे, जिसमें अपराधी भोला कुमार का नाम दूसरे नंबर पर चालाकी से जोड़ा गया था।वही दुसरी ओर अपराधी की शारीरिक बनावट और नामांकन पंजी की हेराफेरी में साफ भिन्नता दिखने पर इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।जब इनलोगो से पूछताछ की गई तो शिक्षकों ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया। किशोर न्याय परिषद ने इसे न्याय व्यवस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ मानते हुए बोर्ड के बेंच क्लर्क मोहम्मद शाहिद द्धारा मोतिहारी नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें कथित किशोर भोला कुमार, हेडमास्टर और प्रभारी हेडमास्टर को नामजद आरोपी बनाया गया।

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