नई दिल्ली। भारत में जन्मे लेग स्पिन हरफनमौला खिलाड़ी निखिल चौधरी को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आराम दिए गए ट्रैविस हेड के स्थान पर टीम में मौका मिला है।
30 वर्षीय निखिल चौधरी पहले भारत में पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने 2017 से 2019 के बीच पंजाब की ओर से 12 टी-20 और दो एकदिवसीय घरेलू मुकाबले खेले थे। वर्ष 2020 में वह अपने चाचा से मिलने ऑस्ट्रेलिया गए थे, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद होने के कारण वहीं रुक गए।
ऑस्ट्रेलिया में निखिल ने क्लब क्रिकेट से अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें होबार्ट हरिकेन्स से अनुबंध मिला। पिछले तीन सत्रों में उन्होंने बिग बैश प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 2024-25 सत्र में टीम को खिताब दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके बाद उन्हें तस्मानिया की ओर से प्रथम श्रेणी और एकदिवसीय क्रिकेट खेलने का अवसर मिला। उन्होंने शेफील्ड शील्ड में अपना पहला शतक लगाया और एक पारी में पांच विकेट लेने का भी कारनामा किया।
ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता टोनी डोडेमेड ने कहा कि निखिल लंबे समय से चयनकर्ताओं की नजर में थे। उन्होंने अभ्यास शिविरों और घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावित किया है, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया।
निखिल इस वर्ष इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के साथ भी जुड़े रहे थे। वर्तमान नियमों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में पांच वर्ष रहने के कारण वह राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने के पात्र हो गए हैं।
भारत में जन्म लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया की पुरुष टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले निखिल पहले खिलाड़ी नहीं होंगे। इससे पहले रेक्स सेलर्स ने 1964 में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला था। वहीं महिला क्रिकेट में पुणे में जन्मी पूर्व कप्तान लिसा स्थालेकर भी ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि बांग्लादेश दौरे पर निखिल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव हासिल करेंगे। उन्हें आगामी टी-20 श्रृंखला में पदार्पण का अवसर मिल सकता है।
