जमशेदपुर: झारखंड के शैक्षणिक विकास में एक बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और प्रतिष्ठित कंसल्टिंग एजेंसी केपीएमजी (KPMG) द्वारा संयुक्त रूप से जारी की गई अप्रैल-मई 2026 की जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट में पूर्वी सिंहभूम जिला पूरे राज्य में अव्वल घोषित किया गया है। कुल 24 जिलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक दक्षता के कड़े मूल्यांकन में पूर्वी सिंहभूम ने 77.95 प्रतिशत का शानदार स्कोर हासिल कर पहला स्थान (रैंक-1) अपने नाम किया है। इस बड़ी सफलता का श्रेय जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आशीष कुमार पांडेय की टीम के कुशल प्रशासन, स्कूलों की लगातार मॉनिटरिंग और डेटा-आधारित बेहतर प्रबंधन को दिया जा रहा है।
पिछले पांच महीनों में जिले ने लगाई लंबी छलांग
अगर पिछले पांच महीनों के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो जिले के प्रदर्शन में लगातार सुधारात्मक बदलाव देखने को मिला है। दिसंबर में जहां पूर्वी सिंहभूम 5वें स्थान पर था, वहीं जनवरी में यह खिसक कर 7वें और फरवरी में 11वें पायदान पर पहुंच गया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए, जिसके कारण मार्च में यह चौथे स्थान पर आया और अप्रैल-मई की रिपोर्ट में इसने सीधे तीन पायदानों की लंबी छलांग लगाकर शीर्ष पर काबिज रामगढ़ और लोहरदगा को पीछे छोड़ दिया। इस सूचकांक को तैयार करने के लिए कक्षा प्रक्रियाओं, समय पर डेटा रिपोर्टिंग और जिला स्तरीय समन्वय जैसे कुल 13 प्रमुख संकेतकों को आधार बनाया गया था।
मैट्रिक परीक्षा 2026 में दर्ज किया सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड
पूर्वी सिंहभूम की इस ऐतिहासिक सफलता में इस साल की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के शानदार परिणाम की बड़ी भूमिका रही है। मैट्रिक परीक्षा 2026 में जिले के कुल 128 स्कूलों ने शत-प्रतिशत (100%) रिजल्ट दिया है, यानी इन स्कूलों का एक भी छात्र फेल नहीं हुआ है। इस मामले में पूर्वी सिंहभूम ने गुमला और दुमका जैसे जिलों को भी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा जिले के 8 स्कूलों के सभी छात्र फर्स्ट डिवीजन से पास हुए हैं, जबकि पूरे जिले में केवल 4 स्कूल ही ऐसे रहे जहां फेल होने वाले छात्रों का प्रतिशत 20 से अधिक रहा, जो रांची और पश्चिमी सिंहभूम जैसे बड़े जिलों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति है। इस बार जिले का औसत पास प्रतिशत 98.0% दर्ज किया गया है।
इंटरमीडिएट में भी मनवाया अपनी मेधा का लोहा
मैट्रिक की तरह ही इंटरमीडिएट के तीनों संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) में भी पूर्वी सिंहभूम के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। जिले के 8 स्कूलों में तीनों स्ट्रीम के सभी विद्यार्थी शत-प्रतिशत पास हुए हैं, जो हजारीबाग, रांची और धनबाद जैसे राज्य के बड़े एजुकेशन हब माने जाने वाले जिलों से काफी आगे है। संकाय वार देखा जाए तो विज्ञान में 40 स्कूल, वाणिज्य में 30 स्कूल और कला में 21 स्कूलों ने शत-प्रतिशत रिजल्ट दिया है। वहीं शत-प्रतिशत फर्स्ट डिवीजन लाने के मामले में विज्ञान के 21 स्कूल, वाणिज्य के 13 स्कूल और कला के 3 स्कूल शीर्ष पर रहे हैं। इसके साथ ही अप्रैल महीने के दौरान जिले के 1,675 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति भी 66.50% रही, जिसमें पिछले महीनों की तुलना में पांच रैंक का सुधार हुआ है।
लोहरदगा दूसरे और रामगढ़ तीसरे स्थान पर, गढ़वा रहा सबसे फिसड्डी
इस समीक्षा रिपोर्ट में जहां पूर्वी सिंहभूम 77.95% स्कोर के साथ पहले स्थान पर है, वहीं लोहरदगा 69.77% अंक पाकर दूसरे और रामगढ़ 68.56% के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। इनके बाद सरायकेला-खरसावां चौथे और दुमका पांचवें पायदान पर काबिज हैं। दूसरी तरफ, दुमका, धनबाद और हजारीबाग जैसे जिलों ने इस बार अपनी रैंकिंग में काफी अच्छा सुधार किया है, जबकि खूंटी और गढ़वा की रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस पूरी सूची में गिरिडीह 49.81% के साथ 22वें, गोड्डा 46.25% के साथ 23वें और गढ़वा जिला 45.49% के न्यूनतम स्कोर के साथ पूरे राज्य में सबसे निचले यानी 24वें पायदान पर रहा है।
