पटना। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और बिहार में डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से राज्य विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
संजय सरावगी ने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच केंद्र सरकार द्वारा बिहार को लगभग 9.23 लाख करोड़ रुपये की सहायता और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है, जो पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौर की तुलना में करीब चार गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और औद्योगिक विकास को मजबूत करने में किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हुए हैं। ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क 1.2 लाख किलोमीटर तक पहुंच चुका है। पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर, आमस-दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और वाराणसी-गया-कोलकाता जैसे प्रमुख एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
रेल अवसंरचना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार को लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं मिली हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 198 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार की चर्चा करते हुए सरावगी ने कहा कि शिक्षा बजट बढ़कर 77,690 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में लगभग 94 हजार विद्यालय संचालित हैं और छह लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और आईटीआई की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 76 लाख किसानों को लाभ मिला है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से नौ लाख किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। मखाना को जीआई टैग मिलने, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के गठन और कोसी-मेची सिंचाई लिंक परियोजना जैसी पहलों से किसानों को फायदा पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार अब निवेशकों की पसंदीदा भूमि बनता जा रहा है। बिहार इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं। चंपारण और बक्सर में विशेष आर्थिक क्षेत्र, मुजफ्फरपुर और खगड़िया में मेगा फूड पार्क, इथेनॉल नीति तथा टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और लेदर उद्योगों में निवेश की संभावनाओं ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
