पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर के बिरसानगर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत निर्मित फ्लैटों का वर्षों से इंतजार कर रहे हजारों लाभुकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के नगर विकास मंत्री शुभेंदु कुमार सोनू ने पुष्टि की है कि 19 जून को लाभुकों को उनके आवासों की चाबी सौंप दी जाएगी। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित आवास हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने जा रही है। हालांकि इस उपलब्धि का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है।
19 जून को होगा आवासों का हस्तांतरण
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि नगर विकास मंत्री ने उन्हें फोन कर जानकारी दी है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 जून को हर हाल में लाभुकों को फ्लैटों की चाबी सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आवासों में हुई टूट-फूट और अन्य तकनीकी खामियों को लेकर उन्होंने लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।
सरयू राय के अनुसार मंत्री ने उनकी आपत्तियों को स्वीकार करते हुए मरम्मत कार्य सरकारी खर्च पर कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे लाभुकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पूर्णिमा साहू ने भी जताया दावा
जमशेदपुर पूर्वी की भाजपा विधायक Purnima Sahu ने भी दावा किया है कि उनके प्रयासों से लाभुकों को 19 जून को गृह प्रवेश का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आवास आवंटन में हो रही देरी का मुद्दा उन्होंने लगातार नगर विकास विभाग, विभागीय सचिव और मंत्री के समक्ष उठाया था।
उन्होंने बताया कि विधानसभा और जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठकों में भी इस विषय को प्रमुखता से रखा गया, जिसके बाद प्रक्रिया में तेजी आई।
2019 में शुरू हुई थी परियोजना
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बिरसानगर आवासीय परियोजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 9,592 फ्लैटों का निर्माण किया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से आवासों का हस्तांतरण लंबे समय तक लंबित रहा, जिससे लाभुकों में निराशा का माहौल था।
लाभुकों में खुशी, सियासत भी गरमाई
अब 19 जून को आवासों के औपचारिक हस्तांतरण की घोषणा के बाद हजारों परिवारों में खुशी का माहौल है। वहीं दूसरी ओर, इस उपलब्धि को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों के दावों ने राजनीतिक चर्चाओं को भी नया आयाम दे दिया है।
फिलहाल लाभुक परिवारों की निगाहें 19 जून पर टिकी हैं, जब वर्षों के इंतजार के बाद उन्हें अपने सपनों के घर की चाबी मिलने वाली है।
