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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर अस्थायी रोक बरकरार

नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय (दिल्ली हाई कोर्ट) ने 21 जून को नीट की दोबारा होने वाली परीक्षा के मद्देनजर सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को अस्थायी रुप से बंद करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया । जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि सरकार ने कानून का पालन किया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69ए का पालन किया है। न्यायालय ने टेलीग्राम की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि उस पर अस्थायी रुप से रोक लगाने के लिए वजह नहीं बताई गई है। उच्च न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार का आदेश सही है। अदालत ने 18 जून को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने टेलीग्राम को नया डार्क वेब करार दिया था, जिसके जरिये अवैध गतिविधियां और गैरकानूनी कामों को अंजाम दिया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि इसके जरिये अपराधी अपने गैरकानूनी कार्रवाई कर पाने में सक्षम हैं। इसके जरिये अपराध करने वालों को पकड़ पाना जांच एजेंसियों के लिए काफी मुश्किल है।
केंद्र के हलफनामा में कहा गया था कि नीट परीक्षा में टेलीग्राम का जमकर इस्तेमाल किया गया जिसकी वजह से नीट की परीक्षा को रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा था कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने आईटी कानून की धारा 69ए के तहत केवल 22 जून तक टेलीग्राम ऐप पर रोक का आदेश दिया है। दूसरे आदेश में कहा गया है कि टेलीग्राम 30 जून तक एडिट करने के फीचर को बंद कर दे। केंद्र सरकार ने कहा कि 21 जून को नीट की दोबारा होने वाली परीक्षा में पारदर्शिता रखने के लिए ये आदेश देना जरुरी है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी भी पेश हुए थे। अटार्नी जनरल ने कहा था कि केंद्र का आदेश अपने आप में पूर्ण है। उन्होंने कहा था कि हमारे जैसे देश में अगर निरोधात्मक उपाय नहीं किए जाएंगे तो हम कहां जाएंगे। अटार्नी जनरल ने कहा था कि मुनाफे के लिए बनाया गया प्लेटफार्म आनुपातिकता के सिद्धांत का हवाला नहीं दे सकते। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने किसी दूसरे प्लेटफार्म को नहीं छुआ है। वे ज्यादा ताकतवर हैं लेकिन उनका अपना फिल्ट्रेशन सिस्टम है। टेलीग्राम ने कहा था कि आईटी रुल्स के रुल 9 के तहत इसका इस्तेमाल आपात स्थितियों में किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने 69ए का इस्तेमाल किया है जो कानूनसम्मत नहीं है। केंद्र सरकार के आदेश में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की शिकायत की गई है। टेलीग्राम का कहना था कि किसी शिकायत को संबंधित अधिकारी देखते हैं और अपनी अनुशंसा देते हैं। संबंधित अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने चैनल को ब्लॉक करने की कोई अनुशंसा नहीं की है। संबंधित अधिकारी और मंत्रालय के बीच हुई बात और टेलीग्राम की कार्रवाई का केंद्र सरकार के आदेश में कोई जिक्र नहीं है।
टेलीग्राम ने अपनी याचिका में कहा था कि उसके 15 करोड़ यूजर्स हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले से उनके यूजर्स को काफी परेशानी हो सकती है। उल्लेखनीय कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में टेलीग्राम ऐप के उपयोग की बात सामने आई थी। इजसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने इस ऐप को 22 जून तक अस्थायी रुप से बंद करने का आदेश जारी किया। मंत्रालय के एक दूसरे आदेश में कहा गया है कि टेलीग्राम ऐप किसी मैसेज को एडिट करने के फीचर को 30 जून तक डिसेबल करें। टेलीग्राम ने मंत्रालय के इन्हीं आदेशों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

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