रांची। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था नवा बिहान और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में मोराबादी स्थित सनराइज पब्लिक स्कूल, एदल्हाटू में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “हेल्दी एजिंग के लिए योग” पर आधारित कार्यक्रम में लगभग 280 विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए इंटर्न्स ने भाग लिया।
योग और स्वास्थ्य का दिया संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। शिविर का मुख्य आकर्षण ढाई वर्ष की बालिका शताक्षी श्रीनि रहीं, जिन्होंने मंत्रोच्चारण और योगासन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य पूजा अमृता उरांव ने कहा कि बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से योग की आदत विकसित करने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। योग एकाग्रता, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायक है।
आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता अनिल अमिताभ पन्ना ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ रही बीमारियों से बचाव के लिए नियमित योग और संतुलित आहार बेहद आवश्यक है।
योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
नवा बिहान के संस्थापक एवं अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत झारखंड प्रांत सह सचिव आर. अजय ने कहा कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है और योग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम है।
योग प्रशिक्षिका अलका वर्मा तथा संत जेवियर कॉलेज, रांची के विद्यार्थियों अनुष्का साहा, रितिका राज सिन्हा और अंकित ने प्रतिभागियों को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक शांति और सकारात्मक सोच भी विकसित करता है।
स्वच्छता और जागरूकता पर भी दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के इंटर्न तन्मय ने बच्चों के लिए स्वच्छता और हैंडवॉश जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। वहीं संत जेवियर कॉलेज की इंटर्न स्वस्तिका पांडेय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महत्व और इतिहास की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर जीवनशैली का हिस्सा बनाना ही इस अभियान का उद्देश्य है।
